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लेख


पंजाब पुलिस ने संदिग्ध ISI जासूसी नेटवर्क की जांच शुरू की: महिला गिरफ्तार, सेना के दो जवानों पर केस दर्ज
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंधों वाले एक जासूसी मामले में फरीदकोट की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि भारत-चीन सीमा पर तैनात बताए जा रहे भारतीय सेना के दो जवानों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच का केंद्र भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित रूप से एकत्र कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों तक पहुंचाने के आरोप हैं। चंडीगढ़: पंजाब में पाकिस्तान से कथित संबंधों वाले जासूसी मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा

SikhsForIndia
12 अक्टू॰8 मिनट पठन


पंजाब की शांत शक्ति: उग्रवाद का मुकाबला और दीर्घकालिक सामाजिक एकता
सुरक्षा चुनौती का बदला हुआ स्वरूप आज पंजाब में खालिस्तान से जुड़ी चुनौती 1980 और 1990 के शुरुआती दशकों में देखे गए हिंसक उग्रवाद से काफी अलग है। बड़े पैमाने पर सशस्त्र अलगाववाद अब राज्य के रोजमर्रा के जीवन को परिभाषित नहीं करता। मौजूदा चुनौती अधिक बिखरी हुई और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप वाली है, जिसमें विदेशी प्रचार, ऑनलाइन लामबंदी, प्रतीकात्मक गतिविधियां, विदेश-आधारित हैंडलर और कुछ मामलों में संगठित अपराध, नशीले पदार्थों तथा हथियार नेटवर्क से कथित संबंध शामिल हैं। हाल के महीनों की

SikhsForIndia
8 अक्टू॰5 मिनट पठन


पंजाब में आखिर कौन फैला रहा है खून-खराबे का डर?
पंजाब ने बहुत कम समय में बहुत ज्यादा गोलियों की आवाज सुनी है। कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी पर निकलता है और घर वापस नहीं लौटता। कोई सरपंच दिनदहाड़े गोलियों का निशाना बन जाता है। कोई सोशल मीडिया क्रिएटर अपनी गाड़ी लेने जाता है और उसकी हत्या कर दी जाती है। कोई दूसरा पुलिस अधिकारी घात लगाकर किए गए हमले में किसी तरह बच जाता है। कई मामलों में हमलावर मोटरसाइकिल या स्कूटर पर आते हैं, नजदीक से गोली चलाते हैं और कुछ ही पलों में गायब हो जाते हैं। फिर घंटों या दिनों बाद किसी गैंगस्टर अकाउंट या

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8 अक्टू॰10 मिनट पठन


भगत सिंह की 119वीं जयंती: वह क्रांतिकारी जिसे केवल एक नारे तक सीमित नहीं किया जा सकता
शहीद भगत सिंह:वह क्रांतिकारी जिनका साहस, विचार और बलिदान आज भी भारत की पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उम्र से कहीं बड़े हो गए एक क्रांतिकारी भारत की राष्ट्रीय स्मृति में भगत सिंह का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। वह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक गंभीर विचारक, औपनिवेशिक शासन के प्रखर आलोचक, असाधारण बौद्धिक अनुशासन वाले युवा और अंततः ऐसे शहीद थे जिनकी मृत्यु ने उन्हें उनकी छोटी-सी आयु से कहीं बड़ा प्रतीक बना दिया। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को अविभाजित पंजाब के लायलपुर जिल

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28 सित॰6 मिनट पठन


न्यूज़ीलैंड ने खालिस्तान शरणार्थी नैरेटिव की हकीकत कैसे उजागर की
पिछले कुछ वर्षों से विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी अलगाववादी नेटवर्क एक सुनियोजित नैरेटिव को लगातार आगे बढ़ाते रहे हैं। तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रहों में भाग लेना, भारतीय उच्चायोगों और दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करना, सोशल मीडिया पर अलगाववादी प्रचार फैलाना और फिर यह दावा करना कि इन गतिविधियों के कारण भारत लौटने पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा। इस नैरेटिव का इस्तेमाल केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पश्चिमी देशों में शरणार्थी दर्जा पाने के लिए दायर आवेदनों का भी आधार बना

SikhsForIndia
2 सित॰4 मिनट पठन


बंदी सिंह और पंजाब 2027: पुराने घावों को फिर कुरेदे बिना अतीत के सवालों का समाधान जरूरी
जैसे-जैसे पंजाब 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है, राज्य के एक बेहद संवेदनशील दौर से जुड़ा मुद्दा फिर मुख्यधारा की राजनीति में जगह बना रहा है। उग्रवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए कैदियों के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले शब्द "बंदी सिंह" को लेकर बहस ने विरोध प्रदर्शनों, धार्मिक लामबंदी और पैरोल या रिहाई की नई मांगों के साथ एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। फिलहाल सबसे अधिक चर्चा जगतार सिंह हवारा के मामले की है, जिसे 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत

SikhsForIndia
1 सित॰7 मिनट पठन
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